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Electricity history

Electricity की खोज कब और कैसे किसने किया हिन्दी मे शुरू से लेकर लास्ट तक पूरा कहानी

इलेक्ट्रिसिटी एक ऊर्जा का रूप है जो प्राकृतिक में पहले से मौजूद है इसका अविष्कार नही हुआ था Electricity, इसका खोज किया गया था 
एक समय था जब इंसान इलेक्ट्रिसिटी के बारे में कुछ नहीं जानता था लेकिन इंसान को कुछ मछलियों से बिजली का झटका लगता था मिस्र के बहुत साल पुराने लेख और भी कुछ (पुस्तक, किताबों) में इन मछलियों का जिक्र मिलता है लेकिन उस समय इंसान को इलेक्ट्रिसिटी के बारे में कोई खास जानकारी नहीं थी समय बीतता गया कुछ सालों बाद लगभग (600 B.C) 600 वर्ष पूर्व बिजली, इलेक्ट्रिसिटी, की खोज यूनान के महान वैज्ञानिक थेल्स (Thels) ने पाया ।

लगभग 600 वर्ष  पूर्व पहले कुछ चीजों (बिल्ली के बालों पर, जमने वाला रस, या गोन्द,… इत्यादि) रगड़ने  से हल्की चीजों को अपनी तरफ खींचने लगते हैं हल्की चीजे (जैसे चिड़िया के पंख, हल्का पेपर….. इत्यादि) थेल्स का मानना था इन वजह से इन चीजों में चुंबकीय गुण उत्पन्न होते हैं जो चीजों को अपनी तरफ खीचते हैं थेल्स से इसे ‘Electricity’ का नाम दिया जब किसी भी एक पदार्थ को दूसरे पदार्थ पर रगड़ा जाता है तो उसमें से इलेक्ट्रॉन (electron) निकलकर एक पदार्थ से दूसरे पदार्थ में चले जाते हैं लेकिन इससे ज्यादा उस समय इलेक्ट्रिसिटी (Electricity) के बारे में अधिक जानकारी नहीं मिली समय पर कुछ सालों बाद।
 इटालियन वैज्ञानिक  ऐले साल्ड्रो वोल्टा (Alessandro volta) ने एक उपकरण बनाकर बिजली की हल्की सी करेन्ट, धारा,(current) उत्पन्न करने में सफलता प्राप्त की।

लगभग 1752 में बेंजामिन फ्रैंकलिन ने आसमान में चमकते हुए बिजली ,ऊर्जा,विधुत, करेन्ट, का पता लगाया और साबित किया

(1752 June) में बेंजामिन फ्रैंकलीन अमेरिका का फाउंडिंग फादर भी कहा जाता है इन्होंने अपने एक्सपेरिमेंट में  एक पतंग की डोर में चाबी को बांध दिया और आंधी वाले दिन इसे उड़ाया गया और पतंग में एक मेटल वायर लगा दिया था और बादलों में तड़कने, “चमकने” वाली बिजली, (“ऊर्जा” “करेन्ट”, “धारा” “विधुत”) गिरते हुई सीधी इलेक्ट्रिसिटी इस चाबी पर आ गिरी और डोर पानी से गिला था डोर के थ्रू इलेक्ट्रिसिटी बेंजामिन फ्रैंकलीन के हाथों तक जा पहुंची जिससे उन्हें करेन्ट का झटका लगा और इस तरह से बेंजामिन फ्रैंकलिन ने इलेक्ट्रिसिटी को साबित किया,या आसमान में इलेक्ट्रिक ऊर्जा है, या “आसमान” “प्राकृतिक” बिजली विधुत एक है और इलेक्ट्रिसिटी का नया रूप दिया इसलिए इन्हें इलेक्ट्रिसिटी का खोज करने वाले कहा जाता है

लगभग 1800 में ऐलेसाल्ड्रो वोल्टा ने बैटरी बनाया

(1800) में ऐलेसाल्ड्रो वोल्टा (Alessandro volta) एक प्रयोग में पाया कि रासायनिक प्रतिक्रियाओं की मदद से भी इलेक्ट्रिसिटी करेन्ट बना सकते हैं जैसे जिंक और कॉपर को यूज करके बैटरी बैटरी बनाया जा सकता है उस समय बैटरी का आविस्कार हुआ ।

लगभग 1831 में मैकाल फैराडे ने DC डायनेमो बनाया करेन्ट के लिए

 1831 में इलेक्ट्रिसिटी को टेक्नोलॉजी के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा माइकल फ्रैराड़े (Michael Faraday) ने इलेक्ट्रिक डायनेमो का आविष्कार किया इससे बिजली बनाने की समस्या दूर हो गई माइकल फ्राइडे के इलेक्ट्रॉनिक डायनेमो में मैगनेट  लिए कॉपर या अल्मुनियम कॉइल का वाइंडिंग किया जाता है जिसमें निकिल, लगा हुआ रहता है जो मैग्नेट बनाता है यानी एक दूसरे के तरफ खिंचाव करने के लिए और डायनेमो को घुमाया जाता है यानी रन कराया जाता है आर्मेचर को जिससे करंट “धारा” (current) उत्पन्न होता है जो उस समय डीसी
(D C) करंट बनाया जाता था उसके बाद इलेक्ट्रिसिटी को बहुत तरह से प्रयोग किया जाने लगा यानी इस्तेमाल होने लगा और भी बहुत तरह नुव बिजली से चलने वाले उपकरण बनाया गया ।

लगभग 1878 में थॉमस एडिसन ने बल्ब बनाया और लोगों को रोशनी दिया

(1878) के करीब थॉमस एडिसन ने हजारो प्रयोग करके बहुत कोशिश करने के बाद बल्ब का आविष्कार किया गया यानी बल्ब बनाया जो फिलामेंट बल्ब था उसके बाद धीरे धीरे और भी बहुत तरह के जो अभी बल्ब लाइट है दूसरे वैज्ञानिकों ने किया है ।उसके बाद लोगों ने डीसी करंट (DC current)से बहुत तरह के लाइट फैन मोटर,……….इत्यादि जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करने लगे इसी तरह कुछ सालों चलता रहा कुछ सालों बाद।

लगभग 1890 में निकोला टेस्ला ने AC current को बनाया और लोगो को इसका लाभ हुआ

(1884) में निकोला टेस्ला थॉमस एडिसन के कंपनी में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर का काम करने के लिए आए थॉमस एडिसन ने निकोला टेस्ला से कुछ डायरेक्ट करंट (DC current) में कमी था उसे सुधारने के लिए कहा और निकोला टेस्ला ने उसे सुधार दिया लेकिन निकोला टेस्ला और थॉमस एडिसन दोनों मैं कुछ बातों का दरार (फर्क, नराज, गुस्सा, पैसा का प्रॉब्लम, बातो में फर्क, बहुत तरह का बात था सही और गलत) पड़ने के कारण निकोला टेस्ला ने थॉमस एडिसन का कंपनी छोड़ दिया ।

लगभग 1888 में एसी करंट बनाने के लिए वर्क करना निकोला टेस्ला ने शुरुआत किया

और लगभग (1888) में उन्होंने वेस्टिंगहाउस (westinghouse) कंपनी में काम किया कहा जाता है कि वेस्टिंगहाउस कंपनी के साथ पार्टनरशिप किया जो एसी करंट अल्टरनेटिव करंट (AC current) पर काम करना चाहता था एसी करंट की मदद से ज्यादा इलेक्ट्रिसिटी करंट फैला कर ज्यादा दूर तक इलेक्ट्रिक करंट देकर बिजनेस करना चाहती थी निकोला टेस्ला ने अपनी मेहनत और दिमाग से पूरा लगन कठोर परिश्रम से एसी करंट को तैयार करने में सफल हुए ऐसी करंट से बहुत सारे फायदे हैं जो कहीं पर भी कितना हो दूरी तक लेकर जाया जा सकता है जहां वोल्टेज ड्रॉप (low, कम) हो वहां पर ट्रांसफार्मर लगाकर वोल्टेज को पूरा किया जा सकता है लेकिन डीसी करंट (DC current) में ऐसा नहीं होता है उसका लिमिटेशंस दूरी तक ही आपका डीस करेन्ट वर्क, काम,करता है  ।
दोस्तों आज के समय में धूप से भी सोलर प्लेट द्वारा बिजली उत्पन्न या नहीं बनाया जा सकता है

दोस्तों इस आर्टिकल में यह बताया गया है की इलेक्ट्रिसिटी (electricity, current,)की खोज कब से शुरुआत हुआ था और किस किस तरह से इसे खोजा गया और कब डीसी (DC current)करंट बना कब ऐसी करेंट (AC current) बना कब लाइटबिल बना इसमें कितने समय लग गए पूरे आर्टिकल को पढ़ेंगे तो आपको समझ में आ जाएगा हर स्टेप को पूरा डिटेल में ए टू जेड बतलाया गया है

इस पूरे आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपके मन में किसी भी तरह का डाउट है सवाल है सुझाव है तो नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखिए अगर आर्टिकल आपको पसंद आया तो शेयर जरूर कीजिए

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